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आठवां विश्व हिंदी सम्मेलन 13-15 जुलाई 2007 को न्यूयॉर्क, अमरीका में आयोजित किया जा रहा है। इसी वर्ष भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की 150वीं जयंती, महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए सत्याग्रह आंदोलन की शताब्दी और भारत की आजादी की 60वीं वर्षगांठ भी है। यह महज संयोग नहीं है क्योंकि हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम और सत्याग्रह आंदोलन में हिंदी भाषा की अहम भूमिका रही है। हिंदी हमारे स्वतंत्रता संग्राम की भाषा थी जिसने विभिन्न भाषा-भाषियों के बीच संपर्क सूत्र का काम किया। स्वतंत्रता संग्राम की महान विभूतियों में अधिकांश की मातृभाषा हिंदी नहीं थी लेकिन उन सभी ने हिंदी को अपने संवाद की भाषा के रूप में अपनाया।
आज हिंदी एक अंतरराष्ट्रीय भाषा बनने के मार्ग पर अग्रसर है। इसमें भी विदेशों में बसे हिंदीत्तर भाषा-भाषियों का महत्वपूर्ण योगदान है। आज हिंदी केवल हमारे देश की संस्कृति की संवाहिका मात्र नहीं है बल्कि एक प्रौद्योगिकी संगत भाषा के रूप में मान्यता प्राप्त कर रही है।
मुझे आशा है कि इस सम्मेलन में हिंदी के विभिन्न समसामयिक विषयों पर सार्थक चर्चाएं होंगी तथा भारत से बाहर विभिन्न देशों में हिंदी की स्थिति की समीक्षा करने का सुअवसर प्राप्त होगा।
सम्मेलन की सफलता के लिए मेरी मंगलकामनाएं। |